1971 72 में जब पूरब और पश्चिम इलाहाबाद के विशंभर टॉकीज में रिलीज हुई, तो हमारे पिताजी इस फिल्म को देख कर इतने प्रभावित हुए,, कि वापस आकर उन्होंने हमें इस फिल्म को देखने के लिए प्रेरित किया,,, और 60 किलोमीटर दूर जाकर पूर्व और पश्चिम देखी,,, फिल्म की आरती,,, मन की बहुत सी उलझन को शांति देती है,,,, आज भी पूरब और पश्चिम हमारे जेहन में ताजा है,
638likes67repliesOct 20, 2022
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