रफ़ी साहब , किशोर कुमार , मुकेश जी, मन्ना डे साहब के बाद एकमात्र गायक उदित नारायण हैं जिनके उपर कभी भी आरोप नहीं लगा की उदित नारायण ने किसी भी सीनियर गायक की नकल किया है या कॉपी किया है। उदित नारायण इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के आखिरी गायक हैं जिनको पूरी तरह से 100% ओरिजिनल गायक या मूल गायक या मौलिक आवाज वाला गायक कह सकते हैं। हा उदित नारायण ने सभी सिनियर गायकों से कुछ न कुछ सिखा है सबको इज्जत देते हैं खासकर रफ़ी साहब को ज्यादा मगर किसी को कॉपी नहीं किया। उदित नारायण की सबसे बड़ी खूबी ये हो कि उनकी आवाज में वास्तविकता के साथ साथ दमदार,फ्रेश ताजगी है। रफ़ी साहब के बाद सबसे साफ सुथरी प्राकृतिक रूप से मीठी आवाज उदित नारायण की है। उदित नारायण की आवाज बनावटी नहीं है बल्कि मौलिक आवाज है। उदित नारायण अगर किसी भी सीनियर गायक का भी गाना गाते है तो अपने अद्वितीय अंदाज में अपनी आवाज में गाते है। उदित नारायण की सबसे बड़ी खूबियों में से एक खूबी ये भी है कि उनकी आवाज एक हीरो की आवाज है, सिनेमैटिक, खूबसूरत दमदार आवाज है जो लगभग हरेक अभिनेता पर जंचती है। उदित नारायण की आवाज 70mm के पर्दे पर पूरी तरह से फिट हो जाती है। उदित नारायण की अपनी अलग पहचान है उनकी आवाज में मौलिकता और वास्तविकता है यही वजह है कि वो अपने दौर के सारे गायकों में ज्यादा सफल है और ज्यादा अच्छे गायक माने जाते है। बहुत सारे गायक आए जो रफ़ी साहब की कॉपी किए तो कोई किशोर कुमार को कॉपी किए तो कोई मुकेश जी को कॉपी किए और ये लोग 2-4 साल खुब चले मगर लंबे समय तक की सफलता की बात आती है तो उदित नारायण सबसे ज्यादा सफल और बड़े गायक साबित हुए।ऐसे बहुत सारे गायक आए जो क्लासिकली यानी शास्त्रीय संगीत के मामले में उदित नारायण से बहुत ज्यादा अच्छे थे मगर उदित नारायण से पीछे रह गए क्योंकि आवाज की खूबसूरती के मामले में उदित नारायण से पिछे रह गए। आवाज की खूबसूरती, वोकल quality यानी स्वर की गुणवत्ता के मामले में उदित नारायण बाकी गायकों से बहुत ज्यादा अच्छे और आगे थे।
1.1Klikes50repliesNov 15, 2024
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