Top comment
कैप्टन बाबा हरभजन सिंह भारतीय सेना के एक युवा सैनिक थे, जिनकी 1968 में सिक्किम के नाथू ला दर्रे के पास एक बर्फीली नदी में डूबने से दुखद मृत्यु हो गई थी। माना जाता है कि मृत्यु के बाद वे अपने एक साथी सैनिक के सपने में आए और अपनी देह का सटीक स्थान बताया, जिसके बाद सेना ने उनका एक स्मारक बनाया। पिछले कई दशकों से यह अटूट विश्वास चला आ रहा है कि उनकी आत्मा आज भी भारत-चीन सीमा की रक्षा करती है और सैनिकों को आने वाले खतरों से आगाह करती है। भारतीय सेना ने भी लंबे समय तक उन्हें एक जीवित सैनिक की तरह सम्मान दिया—उन्हें मानद कैप्टन के पद तक पदोन्नत किया गया और सालाना छुट्टी भी दी जाती थी—जो उन्हें कर्तव्य के प्रति एक अमर समर्पण का प्रतीक बनाता है।
822 likeson Wisdom Store
aj jaha gye kya ap jaante h iske bare m #minivlog #dailyminivlog #familyvlog #familyfun #familylove
Tools for commenters
- Open Hemingway Editor
Hemingway Editor
FreeMakes your writing short and punchy.
- Open Google Trends
Google Trends
OfficialSee what topics are rising.
- Open Social Blade
Social Blade
FreeStats for any channel.